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भारत की communist पार्टी /(मार्क्सवादी) एवं अन्य राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों ने गांधी पार्क में प्रदेश व्यापी कार्यक्रम के तहत दिया धरना।

अल्मोड़ा – भारत की communist पार्टी /(मार्क्सवादी) एवं अन्य राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों ने स्थानी गांधी पार्क चौहान पता में प्रदेश व्यापी कार्यक्रम के तहत धरना देकर पुरोला और अन्य जगहों पर सचेत तरीके से सांप्रदायिक घृणा और उन्माद की घटनाओं की तीव्र भरथना करते हुए निंदा की है धरने में बोलते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह अफसोस जनक है कि सांप्रदायिक उन्माद पर प्रभावी तरीके से रोक लगाने के बजाय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उन्माद को हवा देने में लगे हुए हैं ! लैंड जिहाद और लव जिहाद जैसी असंवैधानिक शतावरी का उपयोग करते शब्दावली का निरंतर प्रयोग करते हुए सांप्रदायिक उन्माद के प्रचारक की भूमिका ग्रहण कर ली है! वक्ताओं ने कहा कि पुरोला में सांप्रदायिक तनाव के दौरान वह दो मौका पर उत्तरकाशी जिले में थे लेकिन वहां रहने के दौरान एक भी बार उन्होंने ना तो शांति की अपील की और ना ही कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही! धरने में बोलते हुए वक्ताओं ने सवाल उठाने की लैंड जिहाद जैसी शब्दावलिया असंवैधानिक और गैरकानूनी है यह सरकार का मुखिया प्रयोग कर रहा है जिन्होंने स्वयं प्रदेश में जमीनों की असीमित बिक्री का कानून बनाया है वक्ताओं ने कहा कि बहुसंख्यक हिंदुओं में अल्पसंख्यकों के प्रति डर का और घृणा का भाव भरा जा रहा है इसके पीछे असल मकसद ध्रुवीकरण करके वोटो की फसल बटोरना है! वक्ताओं ने कहा कि अल्पसंख्यकों को जिस तरह घर दुकान खाली करने के लिए आर .एस .एस समर्थित सांप्रदायिक समूह द्वारा धमकाया जा रहा है वह पूरी तरह गैर कानूनी है ऐसे संगठनों एवं व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय ऐसा प्रदर्शित किया जा रहा है जैसे उन्हें प्रशासनिक संरक्षण हासिल हो किसी भी तरह के अपराध पर रोकथाम और अंकुश लगाने की कार्रवाई कानूनी तरीके से होनी चाहिए! किसी भी स्वयंभू धार्मिक संगठन या व्यक्ति को इसकी आड़ में कानून और संविधान से खिलवाड़ की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए धरना स्थल पर बोलते हुए भक्तों ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद उत्तराखंड में पुलिस द्वारा नफरत भरी भाषण देने वालों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है राज्य की पुलिस और पुलिस प्रमुख को बताना चाहिए कि इसकी क्या मजबूरी है जो उसे उच्चतम न्यायालय के आदेशों की अवमानना करने के लिए विवश कर रही है ! वक्ताओं ने धरने में राज्य के तमाम नागरिकों से अपील की गई कि वह सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के खेल में न फंसे इस जाल में लोगों को फसाने वाले तो उससे लाभ हासिल करेंगे पर आम जन के हिस्से में बर्बादी ही आएगी वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड में नौकरियों की लूट जल जंगल जमीन की लूट स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पलायन जंगली जानवरों का आतंक पार्वती कृषि की तबाही जैसे तमाम सवाल हैं जो उत्तराखंड की व्यापक जनता के सवाल हैं इसके लिए मिलकर संघर्ष करने की आवश्यकता है इन सवालों का हल करने में नाकाम सत्ता ही लोगों को धर्म के नाम पर लोगों को लड़कर इन सवालों पर अपनी असफलता से निकलना चाहती है !धरना देने वालों में सूची योगेश कुमार राजधानी राजधानी पुष्पा रावत सरस्वती रोडिया भगवती तिवारी रेखा रावत जया पांडे युसूफ तिवारी आर पी जोशी मुमताज अख्तर आदि मौजूद थे।

By D S Sijwali

Work on Mass Media since 2002 ........

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