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    तीन महीने के भीतर लोकायुक्त की नियुक्ति करें राज्य सरकार-हाईकोर्ट

    Byswati tewari

    Aug 26, 2023

    उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राज्य सरकार से तीन महीने के भीतर लोकायुक्त की नियुक्ति करने को कहा।

    अदालत ने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल की नियुक्ति होने तक लोकायुक्त कार्यालय के कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया जाना चाहिए।
    इसमें कहा गया है कि सरकार उन्हें अन्य विभागों से काम सौंप सकती है और तदनुसार भुगतान कर सकती है। यह आदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर दिया, जिसमें कहा गया था कि भ्रष्टाचार विरोधी निकाय के प्रमुख की नियुक्ति के बिना लोकायुक्त के कार्यालय पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे थे। राज्य ने लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए कोर्ट से छह महीने की छुट्टी मांगी थी।

    हल्द्वानी निवासी रविशंकर जोशी द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि संस्था के नाम पर 2 से 3 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट खर्च करने के बावजूद राज्य सरकार ने अभी तक लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं की है।
        याचिका में आगे कहा गया कि उत्तराखंड में कई तरह के घोटालों की भरमार है और छोटे से छोटे मामले भी हाई कोर्ट में लाने हैं।


        याचिका में कहा गया कि वर्तमान में राज्य की सभी जांच एजेंसियां ​​सरकार के नियंत्रण में हैं। इसमें कहा गया है कि वर्तमान में उत्तराखंड में ऐसी कोई जांच एजेंसी नहीं है जिसके पास सरकार की पूर्व अनुमति के बिना किसी नौकरशाह के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करने का अधिकार हो। इसलिए लोकायुक्त का रिक्त पद शीघ्र भरा जाना चाहिए।     
        

    By swati tewari

    working in digital media since 5 year

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