रुद्रप्रयाग। श्री केदारनाथ-रांसी ट्रेक पर फंसे एक ट्रैकर का शव एसडीआरएफ ने बरामद कर लिया है। शव हेलीकॉप्टर द्वारा गुप्तकाशी पहुंचाया गया।
बताया गया है कि 09 अक्टूबर को जनपद रुद्रप्रयाग में केदारनाथ-रांसी ट्रेक पर गए बंगाल के 10 सदस्यीय दल में से 02 सदस्यों का स्वास्थ्य अत्यधिक खराब होने पर वे लोग ट्रेक पर ही रुक गए थे जबकि अन्य 08 लोग पोर्टरों सहित वापस लौट आये थे।
इस सूचना पर दोनों ट्रेकर्स को सुरक्षित लाने हेतु एसडीआरएफ उत्तराखंड पुलिस टीम अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को दरकिनार कर भारी बर्फबारी में ही अत्यधिक दुर्गम परिस्थितियों में लगभग कई किलोमीटर लंबे ट्रेक को पैदल तय कर ट्रेकर्स तक पहुंची। अत्यधिक विषम परिस्थितियों में उच्चतुंगता क्षेत्र में गहन सर्चिंग करते हुए केदारनाथ से 12 किमी दूर महापंथ कॉल के पास बर्फीली चट्टानों के बीच दोनों पर्यटकों को ढूंढ निकाला।दोनों ट्रेकर्स में से एक का स्वास्थ्य अत्यधिक खराब था व दूसरे की मृत्यु हो गयी थी। मौसम की संवेदनशीलता के दृष्टिगत एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम द्वारा तत्काल बीमार व्यक्ति को पैदल मार्ग द्वारा वापस पहुँचाया गया, जबकि प्रतिकूल मौसम, लम्बा ट्रैक व भारी बर्फबारी के कारण दूसरे व्यक्ति के शव को लाना संभव नही हो पाया। घटना के दृष्टिगत 29 अक्टूबर को मणिकांत मिश्रा, कमांडेंट एसडीआरएफ के निर्देशानुसार पोस्ट सहस्त्रधारा से हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू एक्सपर्ट टीम को हेलीकाप्टर के माध्यम से ट्रैकर के शव को निकालने के लिए रवाना किया गया। एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम द्वारा हेली के माध्यम से उक्त शव को निकालने का प्रयास किया जा रहा था परन्तु भारी बर्फबारी व प्रतिकूल मौसम के कारण अत्यधिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।आज मौसम के अनुकूल होते ही एसडीआरएफ टीम द्वारा तत्काल हेली द्वारा श्रीकेदारनाथ से लगभग 12 किमी दूर महापंथ कॉल(4617 मीटर) उच्च तुंगता क्षेत्र पर पहुँचकर कड़ी मशक्कत करते हुए उक्त शव को निकालकर हेली के माध्यम से गुप्तकाशी पहुँचाया गया।
मृतक की पहचान आलोक विश्वास पुत्र बाबुल विश्वास, 34 वर्ष, सगुन नदिया, पश्चिम बंगाल के रुप में हुई। रेस्क्यू टीम में एचसी रवि चौहान, वीरेंद्र काला, दीपक पंत, योगेश रावत, प्रवीण चौहान, महेश चंद्र शामिल थे।
