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    तमाम खोजबीन के बाद भी फरार आरोपी का सुराग नहीं लग पाया था। इसी को देखते हुए मार्च 2022 में कोर्ट के आदेश पर आरोपी को मृत घोषित कर कार्रवाई खत्म कर दी गई थी। साथ ही उसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी बन चुका था। आम लोग भी ये समझ बैठे थे कि आरोपी मर चुका है।

    उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में पुलिस ने 16 साल से फरार चल रहे एक मुर्दे (dead) को जिंदा गिरफ्तार कर चौंका दिया है। आरोपी को दो साल पहले कोर्ट भी मृत घोषित कर चुकी थी। अब उसकी गिरफ्तारी से हर कोई सन्न है।

    बीते दो वर्ष पूर्व मृत घोषित किया जा चुका फरार इनामी आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय के सम्मुख प्रस्तुत किया। पिथौरागढ़ पुलिस मीडिया सेल से मिली जानकारी के अनुसार बीते 14 अप्रैल 2008 को गांधी चौक निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली पिचौरागढ़ में तहरीर दी थी कि दिनेश चन्द्र पुनेठा निवासी पुनेड़ीमहर कोतवाली पिथौरागढ़ द्वारा उनके साथ 02 लाख 75 हजार रूपये की धोखाधड़ी की है। जिस पर कोतवाली पिचौरागढ़ में चारा 409 आइपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।आरोपी फरार चल रहा था जिस पर दिनांक 24 मार्च 2009 को पिथौरागढ़ पुलिस द्वारा 02 हजार रूपये का ईनाम घोषित किया गया। न्यायालय द्वारा आरोपी को मफरूर घोषित किया गया। पिथौरागढ़ पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए बार. बार सम्भावित स्थानों पर दबिश दी गयी परन्तु वह फरार था। आरोपी को दिनांक 10 मार्च 2022 को न्यायालय के आदेश से मृतक घोषित किया गया था जिसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी बन चुका था।वर्तमान में मफरूर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाया जा रहे अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक पिचौरागढ़ रेखा यादव के नेतृत्व में पुलिस उपाधीक्षक परवेज अली के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम द्वारा आरोपी दिनेश चन्द्र पुनेठा को चिमिस्यानौला से गिरफ्तार किया गया। जिसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में वरिष्ठ उप निरीक्षक महेश बन्द्र जोशी, हेड कांस्टेबल जन सिंह व हेम चन्द्र सिंह, कांस्टेबल पंकज पंगरिया व ध्रुव सिंह शामिल थे।

    By swati tewari

    working in digital media since 5 year

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