जज्बे को सलाम: शारीरिक कमजोरी पर मेहनत से पाई सौरभ ने विजय
अल्मोड़ा के सौरभ जिन्होंने शारीरिक कमी को अपनी जीवन के कठिनाइयों के बावजूद इसे आड़े नहीं आने दिया। 15 साल की उम्र में दिव्यांग हुए उन्होंने अपनी पढ़ाई 10 तक अपने गांव में ही की 11 व 12वीं 8 साल स्कूल दिव्यांग होने के कारण छोड़ दिया था पर हिम्मत नहीं हारी उन्होंने11 औऱ12 अल्मोड़ा रैमजे इंटर कॉलेज की पढ़ाई पूरी की। इन्होंने 12 में 85 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उत्तीर्ण की। फिर 1 साल की आईटीआई ITI की स्याल्दे से फिर उनकी नौकरी अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में लग गई। वह खाली समय पर कविताएं भी लिखते है।
सौरभ तिवारी कहते है, मुश्किलें तो काफी आती है, पर मन के हारे हार है, मन के जीते जीत, मै क्या कर सकता हूं इस पर ध्यान दिया, न की क्या नहीं कर सकता। और मेहनत की और लोगों का भी सहयोग मिलता गया। कुछ लोग झूठी संवेदना भी जताते है, कुछ दिव्यांगता का मजाक उड़ाते है। पर सकारात्मक सोच के साथ में आगे बढ़ता व मेहनत करता हूं।

“उन्होने कहा इतना मुझे सहयोग करने व आगे बढ़ाने वाले जिला प्रशासन अल्मोड़ा से सभी अधिकारी जिसमें जिलाधिकारी सविन बंसल जी नितिन भदौरिया जी सुश्री वन्दना सिंह चौहान जी प्रकाश चंद्रा जी डॉ अजीत तिवारी जी राकेश जोशी जी डॉ विद्या कर्नाटक जी HB चन्द्र जी पंकज काण्डपाल जी मनोज बिष्ट जी मोहम्मद असलम जी आराधना त्रिपाठी जी गोपाल गुरूरानी जी देवेंद्र बिष्ट जी सोनू सिजवाली जी मनोज सनवाल जी JC दुर्गापाल जी दयाकृष्ण कांडपाल जी, वैभव जोशी जी दया जोशी जी शेखर लखचोरा जी दीपक चौधरी जी राधा तिवारी जी भावना तिवारी जी जय कपूर जी व हमारे मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ CP भैसोड़ा जी में उन सभी का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं”
