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    Uttarakhand: प्रदेश के दो आईपीएस अधिकारी राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस परेड की भूले गरिमा

    आईपीएस जितेंद्र मेहरा गणतंत्र दिवस परेड में रेगुलर यूनिफॉर्म पहनकर परेड में पहुंच गए। वहीं, आईपीएस कुश मिश्रा इस पर्व की गरिमा ही भूल बैठे। उन्होंने परेड में जाना ही मुनासिब नहीं समझा।प्रदेश के दो आईपीएस अधिकारी राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस परेड की गरिमा ही भूल गए।

    इनमें एक आधी अधूरी वर्दी में पहुंच गए तो दूसरे ने जाना ही मुनासिब नहीं समझा। अब इस मामले की जांच आईजी मुख्यालय डॉ. सदानंद दाते को सौंपी गई है।इन अधिकारियों में शामिल जितेंद्र मेहरा हरिद्वार में तैनात हैं और कुश मिश्रा देहरादून में। मिश्रा पिछले साल दो मामलों में जांच भी झेल चुके हैं। गणतंत्र दिवस के कार्यक्रमों में अधिकारियों का रवैया शुरुआत से ही चर्चाओं में रहा था। लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में भी कुछ आला अधिकारी नहीं पहुंचे थे। अब नया मामला प्रदेश के दो आईपीएस का है।दरअसल, गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस या अन्य किसी राष्ट्रीय व राज्य स्तर के कार्यक्रम में होने वाली पुलिस रैतिक परेड में राजपत्रित और अराजपत्रित अधिकारियों को सेरेमोनियल यूनिफॉर्म पहनकर शामिल होना होता है।आईपीएस जितेंद्र मेहरा ने इस बात का ध्यान नहीं रखा और वह रेगुलर यूनिफॉर्म पहनकर परेड में पहुंच गए। अब उन्हें इस बात का भी स्पष्टीकरण जांच अधिकारी को देना होगा कि ऐसा उन्होंने किन परिस्थितियों में किया।वहीं, आईपीएस कुश मिश्रा इस पर्व की गरिमा ही भूल बैठे। उन्होंने परेड में जाना ही मुनासिब नहीं समझा। वह कुछ समय पहले ही जनपद देहरादून में तैनात हुए थे। आते ही उन्होंने ऐसे दो काम किए जिनकी जांच भी कराई गई। पौड़ी एसएसपी ने एक नेता की पार्टी में दबिश और चौकी में मारपीट संबंधी जांच कर मुख्यालय को सौंप दी थी।

    दोनों अधिकारियों के मामले संज्ञान में आए हैं। इनसे स्पष्टीकरण लिया जाएगा कि आखिर उन्होंने ऐसा किन परिस्थितियों में किया। इन मामलों की जांच आईजी मुख्यालय डॉ.सदानंद दाते को सौंपी गई है।– दीपम सेठ, डीजीपी

    By D S Sijwali

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