ढाई लाख के लेनदेन में दोस्त ही बने जान के दुश्मन
देहरादून: राजधानी के वसंत विहार क्षेत्र से लापता हुए 28 वर्षीय दिगंबर धीमान की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। एसएसपी परमेंद्र डोबाल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पैसों के लेनदेन के विवाद में दिगंबर की बेरहमी से हत्या की गई थी। पुलिस ने इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जो रेसकोर्स क्षेत्र के निवासी हैं।
घटनाक्रम के अनुसार, 9 फरवरी को दिगंबर कोर्ट जाने की बात कहकर घर से निकला था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो कड़ियां टैक्सी चालक राजनंदन से जाकर जुड़ीं। पूछताछ में पता चला कि दिगंबर की हत्या कर उसके शव को कंबल में लपेटकर चिड़ियापुर के जंगलों में फेंक दिया गया था। पुलिस ने चालक की निशानदेही पर जंगल से शव बरामद किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक दिगंबर और आरोपियों के बीच करीब ढाई लाख रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। 9 फरवरी की रात रेसकोर्स स्थित एक कमरे में नशे के दौरान विवाद बढ़ गया। आरोपियों ने दिगंबर पर स्टील रॉड और हथौड़े से जानलेवा हमला कर दिया। अधिक खून बहने के कारण दिगंबर की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगा दिया।
21 फरवरी को नेहरू कॉलोनी पुलिस ने आईएसबीटी के पास से तीनों आरोपियों—हेमंत कुमार, आदिल और वैभव भट्ट उर्फ संजू को धर दबोचा। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया हथौड़ा, रॉड और मृतक के जूते भी बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है।
इस हत्याकांड ने एक बार फिर नशे और आपसी विवाद के बढ़ते अपराधों पर चिंता बढ़ा दी है। एसएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच थाना नेहरू कॉलोनी को सौंपी गई थी, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारों को सलाखों के पीछे पहुँचाया। पुलिस अब इस मामले में अन्य संभावित कड़ियों और साक्ष्यों का मिलान कर रही है ताकि आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।

