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    कुमाउनी भाषा में ‘कुर्मांचल अखबार’ के चौदहवें वर्ष का प्रथम अंक का लोकार्पण

    सोबन सिंह जीना अल्मोड़ा  में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० सतपाल सिंह बिष्ट ने कुलसचिव डॉ० देवेंद्र सिंह बिष्ट, वित्त अधिकारी अमित कुमार त्रिपाठी, परीक्षा नियंत्रक डॉ मुकेश सामंत, डॉ चंद्र प्रकाश फुलोरिया (संपादक-कुर्मांचल अखबार)आदि की उपस्थिति में  कुमाउनी भाषा में  प्रकशित ‘कुर्मांचल अखबार’ के चौदहवें वर्ष का प्रथम अंक का लोकार्पण किया।

    कुमाउनी के विभिन्न पक्षों को लेकर मंथन किया जाएगा

    कुलपति प्रो बिष्ट ने लोकार्पण करते हुए कहा कि कुमाउनी भाषा और संस्कृति को समर्पित यह अखबार हमारे लिए महत्वपूर्ण है।  भविष्य में सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का स्वामी विवेकानंद-महात्मा गांधी आध्यात्मिक पर्यटन परिपथ,अध्ययन केंद्र और कुर्मांचल अखबार के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय स्तर की संगोष्ठी आयोजित करेगा जिसमें कुमाउनी के विद्वानों/लेखकों/रचनाकारों को आमंत्रित कर कुमाउनी भाषा के उन्नयन एवं कुमाउनी के विभिन्न पक्षों को लेकर मंथन किया जाएगा।  उन्होंने इस पत्र के प्रकाशन एवं संपादन के लिए डॉ फुलोरिया को बधाइयाँ दी।

    कुमाउनी भाषा के मानकीकरण को लेकर समर्पित रहा

    यह विशेषांक कुमाउनी भाषा के मानकीकरण को लेकर समर्पित रहा है जिसमें विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सतपाल सिंह बिष्ट, वरिष्ठ कुमाउनी कवि गोबिंद बल्लभ बहुगुणा, वरिष्ठ साहित्यकार प्रो दिवा भट्ट, वरिष्ठ पत्रकार रमेश चंद्र पांडे ‘ब्रजवासी’, कुमाउनी की आदलि कुशली मासिक पत्रिका की संपादक डॉ सरस्वती कोहली, गरुड़ से कुमाउनी साहित्यकार मोहन जोशी, जाने माने इतिहासकार एवं पुरातत्वविद प्रो महेश्वर प्रसाद जोशी, रमेश हितैषी, दिनेश भट्ट, जगदीश जोशी, डॉ धारा बल्लभ पांडेय, उत्तराखंड की लोक भाषाओं की जानी मानी पत्रिका ‘कुमगढ़’ के संपादक दामोदर जोशी ‘देवांशु’, रचनाकार मोहन सिंह कार्की, अहमदाबाद से तारा पाठक, चंपावत से वरिष्ठ कुमाउनी साहित्यकार डॉ तिलकराज जोशी,बच्चों की राष्ट्रीय स्तर की पत्रिका बालप्रहरी के संपादक उदय किरोला, शिक्षाविद एवं वरिष्ठ कुमाउनी साहित्यकार रतन सिंह किरमोलिया, दिल्ली से कुमाउनी भाषा के लिए जीवन्त पर्यंत कार्य करने वाले साहित्यकार पूरन चंद्र कांडपाल,डॉ गिरीश जोशी , शिक्षाविद एवं साहित्यकार गिरीश चन्द्र बिष्ट ‘हँसमुख’, कुमाउनी मासिक पत्रिका पहरु के संपादक डॉ हयात सिंह रावत,डॉ ललित चंद्र जोशी ‘योगी’ आदि कुमाउनी साहित्यकारों ने भाषा के मानकीकरण को लेकर लेख हैं, जो कुमाउनी भाषा के मानकीकरण को लेकर भविष्य की रूपरेखा तय करेंगे। साथ ही कुमाउनी की सभी उपबोलियों के वर्चस्व को समझते हुए भाषा का मानकीकरण आदि पहलुओं पर भविष्य में कार्य किया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय का प्रयास महत्वपूर्ण होगा।

    कुमाउनी भाषा-संस्कृति को प्रचारित-प्रसारित करने में कुर्मांचल अखबार की महत्वपूर्ण भूमिका

    डॉ चंद्र प्रकाश फुलोरिया द्वारा संपादित कुर्मांचल अखबार में देश-विदेश के कुमाउनी रचनाकारों, विद्वानों के विचारों के साथ  कुमाउनी भाषा में लेख, गीत, समाचार, विविध जानकारियां, पंचांग आदि सामग्रियां प्रकाशित होती हैं। कुमाउनी भाषा-संस्कृति को प्रचारित-प्रसारित करने में इस अखबार की महत्वपूर्ण भूमिका है।  इस वर्ष यह कुमाउनी समाचार पत्र अपने चौदहवें वर्ष में पहुंच चुका है।

    इस अवसर पर उपस्थित जन

    कुमाउनी अखबार के लोकार्पण अवसर पर   डॉ ललित चन्द्र जोशी, बिपिन चन्द्र जोशी, गोविंद मेर, वीरेंद्र मुस्युनी,नवल जोशी, दिव्या, मीनाक्षी आदि उपस्थित रहे।

    By swati tewari

    working in digital media since 5 year

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