X

अल्मोड़ा के पारस उपाध्याय बने ‘रिसर्चर ऑफ द ईयर’, अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ा उत्तराखंड का मान l

देहरादून/अल्मोड़ा:
उत्तराखंड के वैज्ञानिक समुदाय के लिए यह गर्व का क्षण है। अल्मोड़ा स्थित गोविन्द बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान (GBPNIHE), कोसी-कटारमल के सीनियर रिसर्च फेलो पारस उपाध्याय को वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए प्रतिष्ठित “रिसर्चर ऑफ द ईयर” (Researcher of the Year) पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान उन्हें देहरादून में आयोजित दो-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “रिजेनरेटिव एंड रेजिलिएंट: शेपिंग द फ्यूचर ऑफ एग्रीकल्चर थ्रू सस्टेनेबिलिटी” के दौरान प्रदान किया गया।
दिग्गजों के बीच मिला सम्मान
इस भव्य सम्मेलन का आयोजन माया देवी विश्वविद्यालय, उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST), देहरादून, ICAR-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान और उत्तराखंड सरकार के कृषि विभाग के संयुक्त सहयोग से किया गया था।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं, कृषि विशेषज्ञों, छात्रों और उद्योग जगत के दिग्गजों को एक मंच पर लाना था, ताकि सतत कृषि (Sustainable Agriculture) के माध्यम से भविष्य की खाद्य प्रणालियों को सुरक्षित और मजबूत बनाने पर मंथन किया जा सके। इसी मंच पर पारस के शोध कार्यों को विशेष सराहना मिली।
लगातार गाड़ रहे सफलता के झंडे
पारस उपाध्याय पिछले छह वर्षों से केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक परियोजनाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके शोध कार्य न केवल हिमालयी पर्यावरण के संरक्षण पर केंद्रित हैं, बल्कि वे सतत विकास के नए आयाम भी गढ़ रहे हैं।
गौरतलब है कि पारस की प्रतिभा को पहले भी सराहा जा चुका है। वर्ष 2025 में उन्हें ‘ग्रामीण विज्ञान व विज्ञान समाज’ श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति (Best Presentation) के लिए “युवा वैज्ञानिक पुरस्कार” (Young Scientist Award) से भी सम्मानित किया गया था।
संस्थान में खुशी की लहर
पारस की इस उपलब्धि पर जीबी पंत संस्थान और पूरे वैज्ञानिक जगत में खुशी का माहौल है। यह पुरस्कार न केवल उनकी व्यक्तिगत मेहनत का फल है, बल्कि यह हिमालयी क्षेत्र में हो रहे उच्च स्तरीय शोध कार्यों की गुणवत्ता का भी प्रमाण है।

This post was published on 07/05/2026 6:10 AM

Categories: सबसे FAST
D S Sijwali: Work on Mass Media since 2002 ........