नवनियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने ग्रहण किया पदभार
भारत के नवनियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने बुधवार को पदभार ग्रहण किया और मतदान को राष्ट्र निर्माण की पहली और सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया बताया। उन्होंने देश के सभी पात्र नागरिकों से मतदान प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया।पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “राष्ट्र निर्माण की पहली सीढ़ी मतदान है। प्रत्येक भारतीय नागरिक जिसने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है, उसे मतदाता के रूप में पंजीकरण कराना चाहिए और अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए। भारत के संविधान, चुनावी कानूनों और नियमों के अनुसार, चुनाव आयोग हमेशा मतदाताओं के साथ खड़ा रहा है और आगे भी खड़ा रहेगा।”ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के केरल कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं। अब वे तीन सदस्यीय चुनाव आयोग का नेतृत्व करेंगे। उनके अलावा चुनाव आयुक्त के रूप में सुखबीर सिंह संधू, जो उत्तराखंड कैडर के आईएएस अधिकारी हैं, और 1989 बैच के हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी विवेक जोशी कार्यरत हैं। विवेक जोशी ने भी आधिकारिक रूप से चुनाव आयुक्त का कार्यभार संभाल लिया है, जिसकी अधिसूचना 17 फरवरी 2025 को कानून एवं न्याय मंत्रालय द्वारा जारी की गई थी।इस बीच, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार ने मंगलवार को अपना कार्यकाल पूरा कर पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने चुनाव आयोग को “लोकतंत्र का पूजास्थल” बताते हुए अपने अनुभव साझा किए और नए नेतृत्व पर भरोसा जताया।चुनाव आयोग द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, राजीव कुमार ने 1 सितंबर 2020 को चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था और 15 मई 2022 को मुख्य चुनाव आयुक्त बने। अपने 4.5 वर्षों के कार्यकाल के दौरान उन्होंने चुनावी ढांचे, प्रौद्योगिकी और प्रशासनिक सुधारों को चुपचाप लेकिन प्रभावी रूप से लागू किया।उनके नेतृत्व में चुनाव आयोग ने एक पूर्ण चुनावी चक्र सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसमें 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विधानसभा चुनाव, 2022 के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव, 2024 के लोकसभा चुनाव और राज्यसभा नवीनीकरण शामिल रहे। इन चुनावों का शांतिपूर्ण संचालन एक बड़ी उपलब्धि रहा, जिसमें पुनर्मतदान और हिंसा की घटनाएं नगण्य रहीं।नए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग अब आगामी चुनावी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोग हमेशा तत्पर रहेगा और मतदाताओं को जागरूक करने के लिए नए प्रयास किए जाएंगे।
This post was published on 19/02/2025 12:55 PM