अल्मोड़ा-देश में पेट्रोल और डीजल के दाम फिर से बढ़ गए हैं। आज पेट्रोल की कीमत में लगभग 2.61 से 2.80 प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 से 2.90 प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब ईंधन की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है। इस तरह पेट्रोल सौ रुपए के पार चला गया है।पिछले 10 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चौथी बार हुई बढ़ोत्तरी को लेकर अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रही ईंधन कीमतों ने आम जनता,व्यापारियों,किसानों और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है। महंगाई पहले से ही चरम पर है और अब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर सरकार जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि आज पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार नए रिकॉर्ड बना रही हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का लाभ जनता तक नहीं पहुंचा रही है। उल्टा टैक्स और अन्य शुल्क बढ़ाकर आम लोगों की जेब पर सीधा प्रहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में पहले ही परिवहन व्यवस्था महंगी है और ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि होने से आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई भी महंगी हो रही है। इसका असर सीधे तौर पर रोजमर्रा की जरूरत की चीजों पर पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में जिस तेजी से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े हैं,उससे टैक्सी संचालकों, बस मालिकों,छोटे व्यापारियों और किसानों में भारी नाराजगी है।पहाड़ में अधिकांश लोग निजी वाहनों और सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं।डीजल महंगा होने से परिवहन खर्च बढ़ेगा,जिसका असर फल, सब्जी,राशन और निर्माण सामग्री तक पर दिखाई देगा।
मनोज तिवारी ने कहा कि सरकार लगातार विकास और जनहित की बातें करती है, लेकिन जमीन पर जनता को केवल महंगाई और आर्थिक दबाव झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी पहले से बढ़ रही है, युवाओं के सामने रोजगार का संकट है और ऊपर से महंगाई ने परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार कब तक आम आदमी की समस्याओं को नजरअंदाज करती रहेगी।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी का सबसे अधिक असर ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर पड़ता है। गांवों से शहर तक आने-जाने, खेती से जुड़े कार्यों और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लोग वाहनों पर निर्भर हैं। ऐसे में लगातार बढ़ते दाम गरीब और मध्यम वर्ग के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं।विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई नियंत्रण में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस,खाद्य सामग्री, बिजली, दवाइयों और शिक्षा का खर्च पहले ही बढ़ चुका है। अब ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि यदि जल्द राहत नहीं दी गई तो जनता का आक्रोश सड़कों पर दिखाई देगा।उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए अतिरिक्त टैक्स में तत्काल कटौती करे ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। साथ ही राज्य सरकार को भी वैट में कमी कर जनता को राहत देने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार यदि वास्तव में जनता के हित में काम करना चाहती है तो उसे महंगाई नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।मनोज तिवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार जनता की आवाज उठाती रही है और आगे भी महंगाई के मुद्दे पर संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि वापस नहीं ली गई तो कांग्रेस कार्यकर्ता जनहित में आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
उन्होंने अंत में कहा कि आज देश का आम नागरिक आर्थिक दबाव में जी रहा है। हर दिन बढ़ती कीमतों ने लोगों की बचत खत्म कर दी है और परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। सरकार को चाहिए कि वह जनता की पीड़ा को समझे और तुरंत राहत देने वाले कदम उठाए, अन्यथा आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी।
पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों पर भड़के विधायक मनोज तिवारी,महंगाई की मार से आम जनता त्रस्त, सरकार जवाब देने से बच रही

