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    यात्रियों को बड़ी राहत हाईवे टोल में 50% तक कटौती, पुल और टनल पर सफर अब होगा सस्ता

    ByD S Sijwali

    Jul 6, 2025

    यात्रियों की जेब पर बोझ कम करने और राष्ट्रीय राजमार्गों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने पुल, टनल, फ्लाईओवर और एलिवेटेड कॉरिडोर जैसे संरचनात्मक हिस्सों वाले हाईवे पर टोल दरों में 50% तक की कटौती की है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 2 जुलाई को अधिसूचित इस फैसले का उद्देश्य टोल संग्रह को तार्किक बनाना और यात्रियों के लिए यात्रा को किफायती बनाए रखना है, ताकि ढांचे की लागत वसूली और लोगों की सुविधा के बीच संतुलन बना रहे।

    सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण और संग्रह) नियम, 2008 में संशोधन करते हुए नया फार्मूला लागू किया है, जिससे हाईवे के उन हिस्सों पर टोल दरों की गणना में कमी आएगी जहां संरचनात्मक हिस्से अधिक होते हैं। लंबे समय से मांग की जा रही इस सुधार से देशभर में उन हाईवे मार्गों पर यात्रा लागत कम होने की उम्मीद है, जहां इन संरचनाओं के कारण टोल दरें काफी अधिक थीं और नियमित यात्रा करना महंगा पड़ता था।

    नया फार्मूला टोल लागत को आधा करेगा
    पुरानी व्यवस्था में पुल, टनल और फ्लाईओवर जैसे हिस्सों पर प्रति किलोमीटर 10 गुना अधिक टोल वसूला जाता था, क्योंकि इनके निर्माण और रखरखाव की लागत ज्यादा होती है। लेकिन नए फार्मूले में टोल गणना को नए सिरे से परिभाषित किया गया है, जिससे रोजाना यात्रा करने वालों और लंबी दूरी तय करने वालों के लिए इसे किफायती बनाया जा सकेगा।

    नए नियमों के तहत टोल दर की गणना अब निम्न में से जो कम होगा, उसके आधार पर की जाएगी:

    संरचनाओं की लंबाई का दस गुना जोड़कर शेष हाईवे खंड की लंबाई (संरचना को छोड़कर)।

    पूरी खंड की कुल लंबाई (संरचना समेत) का पांच गुना।

    मंत्रालय ने उदाहरण देकर बताया कि यदि किसी हाईवे की 40 किलोमीटर लंबाई पूरी तरह संरचनाओं से बनी है, तो पहले इस पर 400 किलोमीटर (10×40 किमी) के आधार पर टोल वसूला जाता था। अब नए नियम में 200 किलोमीटर (5×40 किमी) के आधार पर टोल लिया जाएगा, जिससे यात्रियों को 50% तक राहत मिलेगी।

    नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह बदलाव टोल दरों को वास्तविक यात्रा लागत के अनुरूप बनाने और ढांचे की लागत वसूली को बनाए रखते हुए यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से किया गया है।

    हाईवे उपयोग बढ़ाने और यात्रियों का बोझ कम करने की दिशा में कदम


    अद्यतन नियमों में “संरचना” का अर्थ स्वतंत्र पुल, टनल, फ्लाईओवर या एलिवेटेड हाईवे के रूप में दिया गया है, जिससे उन सभी संरचनाओं को कवर किया जा सके जहां यात्रियों को पहले अधिक टोल देना पड़ता था। सरकार का उद्देश्य इन संरचनाओं पर टोल दरें कम कर राष्ट्रीय राजमार्गों के उपयोग को बढ़ाना है, ताकि यात्री सुरक्षित और तेज यात्रा का विकल्प चुन सकें और नियमित यात्रियों पर आर्थिक बोझ कम हो।

    मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव उन यात्रियों के लिए सीधा लाभकारी होगा जो लंबे फ्लाईओवर, एलिवेटेड कॉरिडोर और टनल से होकर रोज यात्रा करते हैं। इन संरचनाओं के कारण शहर के भीड़भाड़ वाले रास्तों से बचने और यात्रा समय कम करने में मदद मिलती है, लेकिन टोल की ऊंची दरों के कारण यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। अब दरों में कटौती से दैनिक यात्राएं सस्ती होंगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ट्रैफिक वितरण को बेहतर बनाएगा और वैकल्पिक मार्गों पर भीड़भाड़ कम करेगा, जिससे हाईवे का उपयोग लॉजिस्टिक्स और यात्री परिवहन के लिए और आकर्षक होगा। इसके अलावा, जरूरी सामानों के परिवहन की लागत में भी मामूली कमी आने की संभावना है, जिससे सप्लाई चेन पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

    सरकार का यह फैसला देश में कुशल, किफायती सड़क परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया कदम है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि ढांचा विकास आम जनता और व्यवसायों के लिए बाधा नहीं बने, जो समय पर परिवहन पर निर्भर रहते हैं।

    By D S Sijwali

    Work on Mass Media since 2002 ........

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