भागवत कथा, गीत स्त्रोत और स्तुति आदि सब अव्यक्त चेतनाओं की खुराक- बाबा कल्याण दास महाराज
अल्मोड़ा श्री कल्याणिका हिमालय देवस्थानम् न्यास कनरा डोल लमगड़ा में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान शुरू हो गया है। रविवार को कथा ज्ञान का शुभारंभ कथा वाचक रमेश भाई ओझा (भाई श्री), पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व विस अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, स्वामी कपिलेश्वरानंद, विश्वेश्वरानंद और जगदिशानंद ने संयुक्त रूप से किया।
भागवत कथा, गीत स्त्रोत और स्तुति आदि सब अव्यक्त चेतनाओं की खुराक- रमेश भाई ओझा


डोल आश्रम के संस्थापक बाबा कल्याण दास महाराज की अगुवाई में कुंडी यात्रा निकाली गई, जो श्रीयंत्र मंदिर से कथा स्थल तक पहुंची। इसके बाद कथा व्यास रमेश भाई ओझा ने कथा वाचन किया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा, गीत स्त्रोत और स्तुति आदि सब अव्यक्त चेतनाओं की खुराक है।
डोल आश्रम समिति ने बताया 25 से 27 अप्रैल तक सांस्कृतिक संध्या होगी जिसमें तारा वृंदावन के देवकी नंदन शर्मा की ओर से रासलीला का मंचन भी होगा।



इस दौरान महिलाओं ने पारपंरिक वेषभूषा में सज धज कलश यात्रा निकाली। इसके बाद कथा वाचक रमेश भाई ओझा (भाई श्री) ने कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने से लोगों के मन को शांति मिलती है। श्रीमद्भागवत वैश्विक महा ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि भगवान के कीर्तन से भगवत की प्राप्ति होती है। कहा कि जिस प्रकार संतों का जीवन नदियों के समान होता है उसी प्रकार रविवार को कथा के प्रथम दिन श्रीमद्भागवत गीता ज्ञान का सागर है।
