सामाजिक कार्यकर्ता भुवन चंद्र जोशी और संजय कुमार पांण्डे ने आज जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया,ज्ञापन में कहा गया कि उत्तराखण्ड में हाल ही में हुए पटवारी पेपरलीक मामले में पेपर को निरस्त कर पुनः करवाने का सरकार का निर्णय सराहनीय है, इस बेरोजगारी के दौर में बेरोजगार युवा साल भर पेपर की तैयारी कर लंबे समय इंतजार के बाद कितनी कठिनाई से अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुचते है। और शारीरिक, मानसिक हानि और बेरोजगारी में भी पैसे आदि खर्च कर जैसे तैसे पेपर देते है।
सरकार और विभाग की गलती की सजा प्रदेश के बेरोजगारों को ना दी जाए
परीक्षा के बाद पता चलता है, कि सरकार और विभाग की लापरवाही से पेपर लीक होकर निरस्त हो गया है, और सरकार उसे दुबारा करवाने का आदेश देकर अपना पल्ला झाड़ लेती है । ऐसे में हम सरकार से मांग करते है कि इस पूरे प्रकरण में सरकार और विभाग की गलती की सजा प्रदेश के बेरोजगारों को ना दी जाए और सरकार और बेरोजगारों के पेपर देने के लिए उनके आने जाने और रहने की व्यवस्था करें।
शामिल
ज्ञापन देने वालों में लावण्य पन्त,गोविंद सिंह,महेंद्र,गोपाल कुमार,मोहन भट्ट और आशीष जोशी थे।
