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राम जन्मभूमि की सुरक्षा के लिए एसएसएफ के जवान होंगे तैनात



मस्जिद के लिए 300 करोड़ रुपये जुटाने का अभियान जारी

अयोध्या में राम लला का मंदिर का निर्माण जोर-शोर से चल रहा है। इस बीच मंंदिर के प्राण प्रतिष्ठा की भी तैयारी हो रही है। जनवरी 2024 तय किया गया है। वहीं अब मंदिर की सुरक्षा को लेकर भी प्रसाशन सतर्क है। मन्दिर की सुरक्षा का भी विशेष अभेद्य तैयारी की जा रही है। अब मन्दिर की सुरक्षा सीआरपीएफ के स्थान पर यूपी एसएसएफ के जवानों को तैनात किया जाएगा।

श्री राम जन्म भूमि पर भव्य मंदिर निर्माण कार्य प्रगति पर है। जनवरी में राम लला गर्भ गृह में विराजमान हो जायेंगे, इस प्राण प्रतिष्ठा समारोह की भी दिव्य और भव्य तैयारियां जोरो पर हैं। मन्दिर की सुरक्षा में लगी सीआरपीएफ को हटाया जाएगा। गुरुवार को राम जन्मभूमि सुरक्षा समिति की बैठक संम्पन्न हो गई। बैठक में मंडलायुक्त गौरव दयाल, एडीजी सुरक्षा के एस प्रताप कुमार, एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया, सीआरपीएफ के अधिकारी और खूफिया एजेंसियों के अधिकारी भी शामिल हुए। सुरक्षा समिति की बैठक हर तीन महीने पर बुलाई जाती है।

अब यूपी एसएसएफ संभालेगी सुरक्षा

बैठक के बाद मंडलायुक्त गौरव दयाल ने बताया कि राम जन्मभूमि की सुरक्षा अब यूपी एसएसएफ संभालेगी। सीआरपीएफ के स्थान पर यूपी एसएसएफ के जवानों को तैनात किया जाएगा। राम जन्मभूमि परिसर में एसएसएफ के साथ पीएसी, सिविल पुलिस के जवान भी तैनात होंगे।एसएसएफ के जवान अयोध्या पहुंच चुके हैं और एक हफ्ते की उनकी स्पेशल ट्रेनिंग चल रही है।

16 जनवरी से 24 जनवरी के बीच होगा कार्यक्रम

उन्होंने बताया कि 16 जनवरी से 24 जनवरी के बीच राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। राम मंदिर के भूतल पर फिनिशिंग का कार्य अंतिम दौर में है। प्रथम तल पर भी 50 प्रतिशत के करीब निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अन्य निमार्ण कार्य तेजी से चल रहे हैं।

सुरक्षा को अभेद बनाने के लिए हर संभव प्रयास

बैठक के बाद एडीजी सुरक्षा केएस प्रताप ने कहा कि राम जन्मभूमि स्थाई सुरक्षा समिति की बैठक हुई है। तीर्थ स्थल से जुटी हुई सभी सुरक्षा के विंग का समन्वय स्थापित करने के लिए बैठक आयोजित की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा हुई है। नई सुरक्षा व्यवस्था के बारे में भी बैठक में चर्चा हुई है। राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा को अभेद बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। एसएसएफ को इस सुरक्षा व्यवस्था में जोड़ा जा रहा है। स्थानीय पुलिस के साथ अब एसएससी भी सुरक्षा में लगाई जाएगी।

अयोध्या मस्जिद के लिए धन संग्रह अभियान जारी

इस बीच अयोध्या मस्जिद के लिए चंदा इकट्ठा करने का काम भी जारी है. बताया जा रहा है कि प्रचार-प्रसार से दूर यह अभियान एक महीने से चल रहा है और अक्टूबर तक चलेगा. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तीन महीने बाद रामजन्मभूमि परिसर से करीब 20 किलोमीटर दूर मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन दी गई. मस्जिद निर्माण से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद फंड इकट्ठा किया जा रहा है.

इनका निर्माण मस्जिद के साथ ही किया जाएगा

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के फैसले में मुस्लिम पक्ष को मस्जिद बनाने का आदेश भी शामिल था। लेकिन, शुरुआत में ज़मीन की उपलब्धता और बाद में मस्जिद के नक्शे को मंजूरी मिलने की प्रक्रिया के कारण, अयोध्या मस्जिद के निर्माण में लंबा समय लगता रहा। इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ने मस्जिद के साथ पूरक परियोजना के रूप में तीन सौ बिस्तरों वाला एक कैंसर अस्पताल, हर दिन एक हजार लोगों के लिए एक मुफ्त रेस्तरां और एक विशाल पुस्तकालय स्थापित करने की योजना बनाई है।

300 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण

इसके लिए करीब 300 करोड़ रुपये की जरूरत होने का अनुमान है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तीन महीने बाद रामजन्मभूमि परिसर से करीब 20 किलोमीटर दूर सोहावल तहसील के गांव धन्नीपुर में मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन उपलब्ध हो गई। हालांकि, अयोध्या विकास प्राधिकरण से मस्जिद के नक्शे को मंजूरी जनवरी 2023 में संभव हो सकती है।

इसके बाद मस्जिद निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ने मस्जिद और उससे जुड़ी परियोजनाओं के निर्माण के लिए धन की व्यवस्था करने का फैसला किया। इसके लिए अब फंड इकट्ठा किया जा रहा है।

This post was published on 16/09/2023 3:57 AM

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