सौरभ तिवारी की स्वरचित कविता ‘मुझे दिव्यांग कहने वाले’……
मुझे दिव्यांग कहने वालेमुझे दिव्यांग कहने वालेतू भी दिव्यता का अनुभव कर,सिर्फ एक साल के लिए अपनीबांध ले पट्टी आखों…
मुझे दिव्यांग कहने वालेमुझे दिव्यांग कहने वालेतू भी दिव्यता का अनुभव कर,सिर्फ एक साल के लिए अपनीबांध ले पट्टी आखों…