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अल्मोड़ा: शास्त्रीय संगीत की सुरावली से जीवंत हुई उस्ताद आफ़ाक़ हुसैन ख़ाँ की स्मृतिसांस्कृतिक नगरी में ‘भव्य शास्त्रीय संगीत समारोह 2026’ का आयोजन, विख्यात कलाकारों ने दी प्रस्तुतियां

अल्मोड़ा।
सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा के शारदा पब्लिक स्कूल का प्रेक्षागृह रविवार को शास्त्रीय संगीत की लहरियों से सराबोर हो उठा। अवसर था लखनऊ घराना तबला के प्रख्यात ख़लीफ़ा उस्ताद आफ़ाक़ हुसैन ख़ाँ साहब की स्मृति में आयोजित भव्य ‘शास्त्रीय संगीत समारोह 2026’ का।दीप प्रज्ज्वलन से हुआ शुभारंभकार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन विशिष्ट अतिथि उस्ताद इल्मास हुसैन ख़ाँ साहब एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात शारदा पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने मधुर स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया।संगीत साधकों का सम्मानसमारोह के दौरान संगीत के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान, समर्पण और सहयोग के लिए श्रीमती लता पांडे, पंडित चन्द्रशेखर तिवारी, श्री प्रभात शाह और श्री निर्मल पंत को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।प्रस्तुतियों ने मोहा मनतबला जुगलबंदी: कार्यक्रम की पहली प्रस्तुति राजेंद्र नयाल और सुनील कुमार के शिष्यों—ऋतु जोशी और राजकुमार—ने दी। गुरु-शिष्य परंपरा को जीवंत करते हुए इस जुगलबंदी ने दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।शास्त्रीय गायन: अगले क्रम में लखनऊ की प्रसिद्ध गायिका श्रीमती रश्मि चौधरी ने अपनी सुरीली आवाज से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके साथ तबले पर उस्ताद इल्मास हुसैन ख़ाँ, हारमोनियम पर अयोध्या के दिनकर द्विवेदी और तानपुरे पर ऋतु जोशी व नेहा मुनगली ने संगत की।मुख्य आकर्षण: कार्यक्रम का भव्य समापन मुंबई के विश्वविख्यात तबला वादक पंडित योगेश समसी के एकल वादन से हुआ। उनकी अंगुलियों की थाप और लयकारी ने उपस्थित संगीत प्रेमियों को भाव-विभोर कर दिया।आयोजक मंडलसमारोह को सफल बनाने में आयोजक श्री पंकज कुमार चौधरी, शेखर लखचौरा, श्रीमती विनीता शेखर, राघव पंत, अशोक पांडेय, राजेंद्र सिंह नयाल और सुनील कुमार का विशेष योगदान रहा। मंच का कुशल संचालन माधुरी केड़ा और भास्कर साह द्वारा किया गया।

This post was published on 11/05/2026 10:45 AM

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