ग्राम पंचायत को मिले नदी किनारे हल्का चुगान का अधिकार – गणेश भट्ट
देवप्रयाग विधानसभा के समाजसेवी गणेश भट्ट के नेत्रत्व में बागवान ग्राम पंचायत के ग्रामीण एवं देवप्रयाग जन अधिकार मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी कीर्तिनगर से मुलाक़ात कर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल को ज्ञापन प्रेषित किया. गणेश भट्ट ने कहा कि ग्राम बागवान के आस पहले से ही दो खनन के पट्टे संचालित हैं. इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा एक नया तीसरा पट्टा एल एंड टी कम्पनी को आवंटित कर दिया गया था. जिसका क्षेत्र के ग्रामीणों ने भारी विरोध किया था. पिछले 2 वर्षों से चल रहे विरोध के चलते एल एंड टी कम्पनी ने उक्त आवंटित पट्टे को राज्य सरकार को वापस सरेंडर कर दिया है. जिस पर समस्त ग्रामीणों ने ख़ुशी जताई. गणेश भट्ट ने कहा कि एक बड़ी कम्पनी का जन संघर्षो के आगे झुकना क्षेत्रीय एकता को दर्शाता है जो भविष्य में जल जंगल जमीन बचाने की लड़ाई को और मजबूत करेगा. भट्ट ने कहा यदि सरकार को नदी किनारे पत्थर और रेत से राजस्व ही प्राप्त करना है तो सरकार को स्थानीय ग्राम पंचायतों को उक्त खनन पट्टों में हलका चुगान का अधिकार सम्बन्धित ग्राम पंचायतों को दे देना चाहिए. साथ ही स्थानीय घोडा खच्चर संचालकों को रेत और नदी के पत्थर ले जाने हेतु लाइसेसं जारी करने चाहिए ताकि उनके रोजगार के साथ साथ ग्राम पंचायत और राज्य सरकार को लम्बे समय तक राजस्व भी प्राप्त होता रहे. उपजिलाधिकारी के साथ वार्ता के दौरान ग्राम प्रधान बागवान नरेश कोठियाल ने कहा कि यदि भविष्य में शासन प्रशासन द्वारा बागवान के अंतर्गत तीसरा खनन का पट्टा पुनः किसी कम्पनी, संस्था या कम्पनी को दिया गया तो उसका भी भविष्य में भारी विरोध किया जायेगा. मुलाकात के दौरान गणेश भट्ट ने मलेथा में रेलवे परियोजना से क्षतिग्रस्त हुए भवनों के मुआवजा हेतु पुनः मूल्यांकन करने और वन विभाग द्वारा अतरिक्त पिंजरे मंगवा कर तल्याकोट जाबर आदि के जंगलों में पिंजरा लगवाने का अनुरोध किया।

वार्ता में उपजिलाधिकारी द्वारा शीघ्र ही कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

