अल्मोड़ा,
राजकीय विद्यालय चौराकलेत, विकासखंड हवालबाग में आयोजित समर कैंप के दूसरे दिन विद्यार्थियों को दक्षिण भारत की समृद्ध भाषा एवं संस्कृति तमिल से परिचित कराया गया। शिविर में बच्चों ने उत्साहपूर्वक तमिल भाषा के अभिवादन शब्द, दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले सामान्य शब्द तथा सरल संवाद सीखकर एक अनूठा अनुभव प्राप्त किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को तमिल भाषा के लोकप्रिय अभिवादन “वनक्कम” (नमस्ते) और “नंद्री” (धन्यवाद) सहित रोजमर्रा में प्रयुक्त अनेक शब्दों का अभ्यास कराया गया। बच्चों ने पूरे उत्साह और जिज्ञासा के साथ नए शब्दों का उच्चारण किया तथा संवाद अभ्यास में सक्रिय भागीदारी निभाई।
शिक्षकों ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों में भारत की विविध भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं के प्रति सम्मान एवं समझ विकसित करती हैं। साथ ही विद्यार्थियों में नई भाषाएं सीखने की रुचि और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
समर कैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों को खेल-खेल में रचनात्मक, व्यावहारिक एवं ज्ञानवर्धक अनुभव प्रदान करना है, ताकि वे शिक्षा के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक विविधता से भी परिचित हो सकें।
शिविर में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता और उत्साह देखने योग्य रहा। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्रधानाचार्य जगदीश चन्द्र पाठक तथा मनोज कुमार जोशी द्वारा किया गया।

