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दुग्ध क्रय मूल्य दो रूपये प्रति लीटर बढ़ाए जाने के लिए जताया आभार

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अल्मोड़ा -आज यहां उत्तराखंड क्रांति ने दुग्ध विकास मंत्री को पत्र लिखकर 17 सितंबर से दुग्ध क्रय मूल्य दो रूपये प्रति लीटर बढ़ाए जाने के लिए आभार एवं धन्यवाद प्रकट करते हुए कहा है कि बढ़े हुए मूल्य का बोझ न तो महंगाई से त्रस्त उपभोक्ताओं पर डाला जाय और न ही घाटे में चल रहे दुग्ध संघों पर।उक्रांद ने पत्र घाटे में चल रहे दुग्ध संघो को इस मूल्य बृद्धि हेतु आर्थिक सहायता दिये जाने की मांग भी की है । पत्र में कहा गया है कि यदि घाटा पर्वतीय क्षेत्रों की बिसम भौगोलिक स्थितियों के कारण हो रहा है तो पिछले घाटे की भरपाई हेतु भी दुग्ध संघो को आर्थिक सहायता दी जाय ताकि दुग्ध उत्पादकों का दो दो माह बिलंब हो रहा भुगतान प्रतिमाह हो सके तथा कर्मचारियों को भी समय से वेतन मिल सके।यदि निरंतर घाटे का कारण दुग्ध संघ प्रवंधन की लापरवाही है तो जांच कर दोषियों के बिरूद्द कार्यवाही की जाय। उक्रांद ने पत्र में कहा है कि सरकार ने दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन की दर में बृद्धि की घोषणा तो की किंतु बृद्धि नहीं की और न ही सचिव मानदेय घोषणा के अनुरूप बढ़ाया इसलिए पर्वतीय क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों को घोषणा के अनुरूप बढ़ी दरों से दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन दिया जाय तथा सचिव मानदेय 2 रूपये प्रति लीटर किया जाय। पत्र में हेड लोड 1रपये प्रति लीटर प्रति किलोमीटर किये जाने की भी मांग की गयी है।पत्र में दुग्ध उत्पादकों को मांग के अनुरूप समय से पशु आहार न मिलने की शिकायत करते हुए इस संबंध में आंचल पशु आहार निर्माण शाला रूद्रपुर को पर्याप्त आपूर्ति के लिए निर्देश देने की मांग भी की गयी है। पत्र में कहा गया है कि अल्मोड़ा दुग्ध संघ में पशु चिकित्सा हेतु दवाओं व समितियों को आपूर्ति हेतु दुग्ध संग्रह सामाग्री की नितांत कमी है ऐसे में अल्मोड़ा जिला योजना में इस वर्ष नई समितियों के गठन व पशु चिकित्सा अनुदान न दिये जाने पर चिंता ब्यक्त करते हुए कहा है कि इस वर्ष न तो नई समितियों का गठन हो पायेगा न दुग्ध उत्पादकों को आकस्मिक चिकित्सा सुविधा पशुओं के लिए मिल पायेगी जिससे निश्चित ही दुग्ध उत्पादन प्रभावित होगा और घाटे में चल रहा दुग्ध संघ अल्मोड़ा और अधिक घाटे में जायेगा इसलिए इस हेतु संबंधितों को निर्देशित किया जाय तथा राज्य सरकार स्तर से सहायता उपलब्ध कराई जाय। उक्रांद ने पत्र में दुग्ध सहकारी समिति लिमिटेड की आदर्श उपविधियों की धारा 37-त एवं नियम 60में पर्वतीय क्षेत्रों की स्थिति व समितियों में प्रवंध कमिटियों की स्थिरता हेतु कुछ आवश्यक परिवर्तन की मांग भी की है। उक्रांद ने एन सी डी सी योजना के अंतर्गत बाहरी राज्यों में फैली पशुओं की बिमारी,उनके पर्वतीय क्षेत्रों में सफल न होने, खरीद हेतु निर्धारित फर्मों की प्रमाणिकता पर सवाल उठाते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में अन्तर्जनपदीय खरीद की अनुमति सरकार से दिये जाने की मांग की है पत्र में उक्रांद जिलाध्यक्ष शिवराज बनौला, पूर्व प्रवंध कमेटी सदस्य दुग्ध संघ अल्मोड़ा ब्रह्मा नन्द डालाकोटी, दुधौली समिति सचिव आनंद सिंह बिष्ट, कमलेश जोशी,उदय महरा व इंद्र सिंह के हस्ताक्षर हैं।

By D S Sijwali

Work on Mass Media since 2002 ........

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