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    गुरिल्लों ने पीएम व सीएम को ज्ञापन भेज कर पूर्व में लिए गये निर्णयों पर शीघ्र कार्यवाही की मांग की

    अल्मोड़ा। 4 मार्च – शनिवार को गुरिल्लों के धरने को 4900 दिन पूरे होने पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि गुरिल्लों के 17 वर्षो से चल रहे आंदोलन के दौरान जहां केन्द्र सरकार ने गुरिल्ला प्रतिनिधियों से अनेक बार वार्ता कर उनकी नियुक्ति का आश्वासन दिया वहीं एस एस बी महानिदेशक से समायोजन प्रस्ताव भी तैयार करवाया तथा 2015 में एस एस बी गुरिल्लों का भौतिक सत्यापन भी करवाया लेकिन उसके बाद वर्तमान भाजपा सरकार ने चुप्पी साध ली।

    उत्तराखंड सरकार द्वारा भी गुरिल्लों को समायोजित करने के लिए स्वैच्छिक आपदा प्रबंधन बल बनाने, लोक निर्माण विभाग में मेट एवं बेलदार पदों में नियुक्ति,कृषि सहायक पदों में नियुक्ति के शासनादेश जारी तो किये किंतु स्वैच्छिक आपदा प्रबंधन बल का गठन आज तक नहीं हुआ, लोक निर्माण विभाग ने भी सड़कों के रख हेतु मेट बेलदार रखने में अधिक दिलचस्पी नहीं ली,कृषि सहायक पदों में कहीं कहीं कुछ नियुक्तियां हुई हैं जो गुरिल्लों की संख्या को देखते हुए नगन्य सी ही हैं। राज्य मंत्रिमंडल ने अनेक बार जंगलों को आग से बचाने,बृक्षारोपण , जंगलों की सुरक्षा हेतु स्टेट इको टास्क फोर्स बनाने का निर्णय तो लिया लेकिन अभी तक बन विभाग कोई ठोस प्रस्ताव तैयार नहीं कर पाया, इसी प्रकार गुरिल्लों को होम गार्ड में भर्ती करने,पी आर डी के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्य पर रखने जैसे उच्च स्तरीय निर्णयों पर भी कार्यवाही नहीं हुई,आपदा प्रबंधन तथा वन विभाग की कैम्पा योजना में 100-100 गुरिल्लों को तत्काल नियुक्ति के निर्णयों पर भी विभागों ने अमल नहीं किया इसलिए शनिवार को गुरिल्लों ने डांक द्वारा प्रधानमंत्री एवं मुख्य मंत्री उत्तराखंड को ज्ञापन प्रेषित कर गुरिल्लों के संबंध में पूर्व में लिए गये निर्णयों पर शीघ्र कार्यवाही की मांग की।

    धरने मे केन्द्रीय अध्यक्ष ब्रह्मानंद डालाकोटी जिलाध्यक्ष शिवराज बनौला अर्जुन सिंह नैनवाल अमर राम दीवान राम विजय प्रकाश जोशी बसंत लाल किशन राम ललित मोहन सनवाल भीम राम संजय सिंह धन सिंह बसंत सिंह आनंदी महरा दीपा शाह तारी राम रेखा आर्या जानकी देवी बीना देवी भानु पंत रेखा बगढ़वाल शांति देवी सहित अनेको गुर्रिल्ले उपस्थित थे।

    By swati tewari

    working in digital media since 5 year

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