X

प्रकृति के रक्षक! 82 साल की उम्र में कम नहीं हुआ जुनून, अब तक लगा चुके हजारों पेड़

अल्मोड़ा

प्रकृति को हरा भरा और उसे संरक्षित करने वाले लोग आज के समय में वैसे तो बहुत कम है, लेकिन इस दौर में भी कुछ लोग बड़े ही सिद्दत  से इस काम में लगे हैं। अल्मोड़ा जिले के  एक छोटे से गांव के रिटायर्ड सूबेदार मेजर विशन सिंह महरा भी उन्हीं लोगों में से एक हैं, जो विगत 40 सालों से प्रकृति को हरा-भरा करने में जुटे हुए हैं।

मजेदार बात यह है कि 82 साल की उम्र में भी उनका यह जुनून कम नहीं हुआ है. वह अब तक हजारों की संख्या में पेड़ लगा चुके हैं। उनको देख अब लोग भी यह प्रेरणा ले रहे हैं।

धौलछीना विकासखंड के कलौन गांव निवासी रिटायर्ड सूबेदार मेजर बिशन सिंह 4 दशक से अधिक समय से अपने परिवार एवम स्थानीय हरीश सिंह बिष्ट , गिरीश महरा ,पूजा महरा ,परुली देवी ,बबली , तनिषा ,कार्तिक एवम  अन्य लोगो   के साथ मिलकर  प्रकृति के संरक्षण में जुटे हुए हैं। वह अब तक अपने गांव के अलावा भी कई क्षेत्रों में अब तक हजारों की संख्या में पेड़ लगा चुके हैं। उनके इस काम की काफी सराहना हो रही है। स्थानीय विधायक मनोज तिवारी भी उनके इस काम की तारीफ कर चुके हैं।

विशन सिंह का कहना है कि प्रकृति के प्रति उनका यह प्रेम बचपन से ही था। वह आर्मी में टेक्निकल ब्रांच में थे । साल 1989 में वह सूबेदार मेजर के पद से रिटायर्ड हुए। जिसके बाद से उन्होंने अपने गांव से प्रकृति के संरक्षण की मुहिम चलाई। यह मुहिम आज तक लगातार जारी है।

उन्होंने अपने गांव के अलावा चितई, गैराड़, अल्मोड़ा के गंगनाथ मंदिर तक वृक्षारोपण कर चुके हैं। जहां वह बांज, अकेशिया, कनेर, तिमिल, अमरूद समेत कई प्रकार के पेड़ लगा चुके हैं। उन्होंने फल्सीमा गाव के लोगो से अपील की वो उनके द्वारा  लगाये गए पैधो की देख रेख कर अपने बच्चो की तरह पाले l उनकी इस प्रेरणा से कई गांवों में आज बांज के  घने जंगल बन चुके हैं। खासबात यह है कि वह अपने खेतों में इन पेड़ों के बीज तैयार कर उनको दूसरे गांवों में लगाते हैं।

उनका नई पीढ़ी को संदेश है कि पेड़ लगाएं। प्रकृति का हरा भरा होना मानव जीवन के लिए काफी जरूरी है। पेड़ांे को अपने बच्चों की पालें।

 

This post was published on 29/08/2025 12:44 PM

D S Sijwali: Work on Mass Media since 2002 ........
Related Post