• Mon. Apr 20th, 2026

    जुकाम में चावल खाना हानिकारक या फायदेमंद? जानिए

    Byswati tewari

    May 4, 2025

    बच्चों के पोषण और आहार का विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है, विशेष रूप से जब वे सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं से ग्रस्त हों। बदलते मौसम में छोटे बच्चों को खांसी और जुकाम होने की संभावना अधिक रहती है, जिससे उनकी प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है। इस दौरान आहार संबंधी सावधानियां बरतना आवश्यक है। अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या खांसी या जुकाम के दौरान बच्चों को चावल खिलाना सुरक्षित है? इस विषय पर विशेषज्ञों की राय महत्वपूर्ण हो जाती है।

    जुकाम में चावल का सेवन: विशेषज्ञ की राय

    गाजियाबाद के जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक विशेषज्ञ डॉ. विपिनचंद्र उपाध्याय के अनुसार, आम धारणा है कि जुकाम या खांसी के दौरान बच्चों को चावल नहीं खिलाना चाहिए, क्योंकि यह कफ बढ़ाने का कारण बन सकता है। हालांकि, यह पूरी तरह सत्य नहीं है। यदि चावल को सही तरीके से पकाकर गर्म अवस्था में खिलाया जाए, तो यह नुकसानदायक नहीं होता।

    चावल खाने से जुड़ी सावधानियां

    * चावल स्वाभाविक रूप से ठंडी प्रकृति (तासीर) का होता है, लेकिन इसे गर्म करके खाने से इसके दुष्प्रभाव कम हो जाते हैं।
    * जुकाम के दौरान बच्चों को चावल खिलाते समय इसमें घी या तेल न मिलाएं, क्योंकि यह कफ निर्माण को बढ़ा सकता है।
    * सुनिश्चित करें कि चावल अच्छी तरह से पका हो और हल्का गर्म हो, जिससे पाचन में कोई समस्या न हो।

    खांसी व कफ में बच्चों को किन खाद्य पदार्थों से बचाना चाहिए?

    जुकाम और कफ की स्थिति में बच्चों को कुछ विशेष खाद्य पदार्थों से परहेज करवाना चाहिए, जिससे उनकी स्थिति बिगड़ने से बची रहे।

    1. ठंडे पेय पदार्थ – ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक्स, जूस या कोई अन्य ठंडी वस्तु न दें।
    2. खट्टे फल – संतरा, नींबू, और अन्य खट्टे फल, जो गले में जलन और कफ बढ़ा सकते हैं।
    3. डेसर्ट और मीठी चीजें – आइसक्रीम, चॉकलेट और अत्यधिक मीठे पदार्थ कफ को बढ़ाने का कारण बन सकते हैं।
    4. कुछ कच्ची सब्जियां – ठंडी प्रकृति वाली सब्जियां, जैसे खीरा और गाजर , इस दौरान देने से बचें।

    स्वास्थ्य संबंधी अतिरिक्त सुझाव

    * बच्चों को गर्म पानी पिलाएं, जिससे गले में जमा कफ आसानी से निकल सके।
    * शहद और हल्दी वाले दूध का सेवन लाभकारी हो सकता है (यदि बच्चे की आयु एक वर्ष से अधिक हो)।
    * अत्यधिक ठंडी या मसालेदार चीजें आहार में शामिल न करें।

    स्व-उपचार से बचें, डॉक्टर की सलाह लें

    डॉ. विपिनचंद्र उपाध्याय सलाह देते हैं कि माता-पिता को बिना चिकित्सीय परामर्श के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी या जुकाम की दवा या सिरप नहीं देनी चाहिए। यदि तीन दिनों से अधिक समय तक जुकाम बना रहे और बुखार भी हो, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है। लापरवाही करने से स्थिति गंभीर हो सकती है।

    खांसी और जुकाम के दौरान बच्चों को चावल खिलाना पूरी तरह से हानिकारक नहीं है, बशर्ते कि इसे सही तरीके से पकाकर दिया जाए। हालांकि, आहार में कुछ सावधानियां बरतनी आवश्यक हैं, ताकि बच्चे की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े। किसी भी प्रकार की दवा देने से पहले चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें, ताकि सही उपचार किया जा सके।

    By swati tewari

    working in digital media since 5 year

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *