अल्मोड़ा। संस्कृत के प्रचार प्रसार संवर्धन के साथ ही छात्र-छात्राओं के आत्म विकास के लिए जनपद स्तरीय ऑनलाइन संस्कृत गान प्रतियोगिता 2022-23 हेतु एकल मंत्र- स्त्रोत्र -गीता श्लोक- संस्कृत गीत -एवं संस्कृत वंदना गान प्रतियोगिता कार्यक्रम उत्तराखंड संस्कृत अकादमी द्वारा आयोजित की गई। यह प्रतियोगिता कक्षा-6 से 8वीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित हुई, जिसमें अल्मोड़ा जिले के राजकीय, अशासकीय एवं प्राइवेट विद्यालयों के छठी से आठवीं तक के समस्त 300 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण किया। जिसके तहत जिले के 109 छात्र छात्राओं ने ऑनलाइन वीडियो भेजे। जनपद संयोजक अर्जुन सिंह ने सभी छात्र छात्राओं को शुभकामनाएं दी और कहा कि संस्कृत भारत की आत्मा है। इसे बाल मस्तिष्क में उतारने से ही भावी पीढ़़ी संस्कृत से परिचित हो सकेगी। जिससे हमारी संस्कृति लम्बे समय तक जीवित रह सकेगी। अकादमी के सचिव शिव प्रसाद खाली ने सभी प्रतिभागियों का ऑनलाइन मार्ग दर्शन किया और संस्कृत के प्रति छात्रों का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि संस्कृत के अध्ययन से ही एक सुसंस्कारित राष्ट्र का निर्माण संभव है। हम सभी को संस्कृत अवश्य पढनी चाहिए। प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान अनुष्का बिष्ट राजकीय बालिका इंटर कॉलेज जलना, द्वितीय स्थान कार्तिक नैलवाल सनराइज कॉन्वेन्ट स्कूल भिकियासैण, तृतीय रितिक शर्मा संस्कार भारती संस्कृत विद्यालय झीपा को मिला। इसके अलावा दो सांत्वना पुरस्कारों में निहारिका पंचोली विवेकानन्द बालिका विद्या मंदिर जीवन धाम और लक्ष्य पाण्डेय विवेकानन्द इण्टर कॉलेज अल्मोडा नें स्थान बनाया। जिनके लिए संस्कृत अकादमी हरिद्वार से पुरस्कार दिया है। प्रथम पुरस्कार ₹2000, द्वितीय पुरस्कार 1500 रुपया तृतीय पुरस्कार ₹1000 दिया गया है। सांत्वना पुरस्कार 500- 500 के दिया गया है। जनपद सह संयोजक अनिल ढौडियाल ने कहा कि संस्कृत भारतीय संस्कृति की ध्वज वाहिका है। इस भाषा के संरक्षण के लिए जन सामान्य को आगे आना होगा। उन्हांने सभी विद्यालयों के बच्चों को इस प्रतियोगिता में सम्मिलित होने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
