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    उत्तराखंड: पहले दोस्तों ने पिलाई शराब, फिर कुल्हाड़ी से हमला, मौत

    दस दिन बाद मिला शव,  माँ की भी हत्या से ही हुई थी मौत

    प्रदेश में फिर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई हैं मामला उधम सिंह नगर का है जहाँ दो दोस्तों ने अपने ही दोस्त को कुल्हाड़ी से काटकर मार डाला। इससे पहले सभी ने साथ में शराब पी। हत्या का कारण अवैध संबंध का मामला बताया जा रहा है। हत्या के बाद शव को एक नाले में फेंक दिया। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर मृतक का सड़ा गला शव बरामद किया है।

    मिली जानकारी के मुताबिक उधमसिंह नगर के कोतवाली किच्छा क्षेत्र के आजादनगर की सुभाष कालोनी निवासी 22 वर्षीय विश्वजीत विश्वास पुत्र हरि विश्वास पांच मई को अपनी बाइक से हल्द्वानी के लिए निकला था। उसकी बाइक भूड़िया कॉलोनी थाना बहेड़ी की सीमा के पास मिली थी।  सोमवार को देर शाम दोनों की निशानदेही पर आजादनगर के एक नाले से शव बरामद किया गया। पुलिस ने मामले की जांच की तो विश्वजीत के दोस्त करन, सुकंतो को हिरासत में लिया।

    हत्या की वजह एक महिला से अवैध संबंध

    पुलिस सूत्रों का कहना है कि हत्या की वजह एक महिला से अवैध संबंध बताया जा रहा है। एक हत्यारोपी के संबंध उसके घर के पास रहने वाली एक महिला से थे। घटना के दिन आरोपियों ने फोन करके विश्वजीत को बुलाया। उसके आने के बाद तीनों ने शराब पी और दोनों ने कुल्हाड़ी से विश्वजीत को मौत के घाट उतार दिया। शव नाले के पास झाड़ियों में फेंक दिया। एएसपी क्राइम मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनकी निशानदेही पर शव बरामद कर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है।

    विश्वजीत का शव जिस नाले से बरामद किया गया है वहां झाड़ियों में बिजली का मोटा तार बरामद हुआ है। अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्यारों ने हत्या के बाद शव को तार से बांध दिया होगा और फिर उसे उठाकर किसी तरह नाले में लाए होंगे। इधर फोरेंसिक विभाग की टीम के अधिकारी घटनास्थल से नमूने लेते रहे टीम ने नाले के आसपास वाले स्थान पर बारीकी से निरीक्षण कर कई निशान लिए हैं।

    वहीं शव बरामद करने गई पुलिस टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। जब पुलिस टीम शव को बरामद करने की प्रक्रिया में लगी थी तब बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंच गईं। आरोपियों के साथ शव लेकर जब पुलिस निकलने लगी तो महिलाओं ने हत्यारोपियों को अपने हवाले करने की बात कर हंगामा शुरू कर दिया।
    कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने किसी तरह आरोपियों को महिलाओं से बचाकर कोतवाली पहुंचाया। इधर कुछ महिलाएं एक आरोपी के घर पहुंच गई, लेकिन आरोपियों के सभी परिजन पहले फरार हो गए। वहां से पुलिस ने महिलाओं को वहां से खदेड़ा। आरोपी के घर पर पुलिस तैनात कर दी गई है।

    ग्रामीणों ने बताया विश्वजीत घरों में रंगाई पुताई करके अपनी आजीविका चलाता था। बताया जा रहा है कि विश्वजीत की मां की भी कई साल पहले हत्या हो गई थी। उसके दो भाई अनिल व निकाई हैं। विश्वजीत और दोनों हत्यारोपी तीनों गहरे दोस्त थे। बताया जा रहा है कि ये तीनों ज्यादातर साथ दिखाई देते थे। तीनों  ही जीवन यापन के लिए मजदूरी करते थे।

    By swati tewari

    working in digital media since 5 year

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