अल्मोड़ा , पर्यावरण सूचना, जागरूकता, क्षमता निर्माण एवं आजीविका कार्यक्रम (इआईएसीपी), जी.बी.
पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान, कोसी-कटारमल, अल्मोड़ा को हिमालयी क्षेत्रों में
महत्वपूर्ण योगदान एवं उत्कृष्ठ कार्यों हेतु पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत
सरकार द्वारा आयोजित इआईएसीपी समन्वयक सम्मेलन 2024 के अन्तर्गत उत्तर-भारत
में सर्वश्रेष्ठ केन्द्र के रूप में सम्मानित किया गया है। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत सुश्री नमिता
प्रसाद, संयुक्त सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार ने सम्मान
पत्र तथा प्रतीक चिन्ह दिया।
संस्थान के इस केन्द्र की स्थापना वर्ष 1992 में पर्यावरण मंत्रालय के वित्तीय सहयोग से
की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण की जागरूकता एवं शोध कार्यां को बढ़ावा देने
हेतु हिमालयी जनजीवन के ज्वलन्त मुद्दों पर संसाम्यिकी कार्य करना है। साथ ही यह
केन्द्र, स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु ग्रामीण महिलाओं/बेरोजगारों एवं अल्प शिक्षित लोगों को
‘‘हरित कौशल विकास’’ की मुख्य धारा में जोड़ने हेतु कौशल निर्माण, क्षमता निर्माण जैसे
महत्वपूर्ण विषयों पर कार्य कर रहा है।
संस्थान के निदेशक प्रो0 सुनील नौटियाल, संस्थान के चारों केन्द्र प्रमुखों, एवं वैज्ञानिकों ने ई0
महेन्द्र सिंह लोधी, समन्वयक इआईएसीपी, डॉ0 महेषा नन्द, प्रोग्राम ऑफिसर, श्री कमल किशोर
टम्टा, सूचना अधिकारी, श्री हेम तिवारी, डाटा एण्ट्री ऑपरेटर को इस उपलब्धि हेतु बधाई दी
गयी है और केन्द्र द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यों हेतु प्रतिबद्धता व्यक्त की गयी।
इआईएसीपी केन्द्र के समन्वयक द्वारा निदेशक महोदय को निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन
देने के लिये आभार व्यक्त किया।
This post was published on 10/09/2024 11:04 AM