इंस्टाग्राम पर हनीप्रीत के हुए 10 लाख फॉलोअर्स, राम रहीम का हाथ पकड़कर काटा केक, कहा अगर तुम न मिले होते तो ज़िन्दगी इतनी खूबसूरत न होती
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम की प्रमुख शिष्या और मुखर बेटी हनीप्रीत के इंस्टाग्राम पर 10 लाख फॉलोअर्स हो गए हैं। इसी खुशी में दोनों ने एक दूसरे का हाथ पकड़कर साथ में केक काटा। इसके बाद राम रहीम ने हनीप्रीत को केक खिलाया और उसके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया।
हनीप्रीत ने कहा कि कैसे शुक्रिया करूं, शब्द नहीं हैं। पापा न मिले होते तो जिंदगी इतनी खूबसूरत न होती। पापा ऐसे ही अपने चेलों पर चलते रहो। मुझे आपकी दया की परवाह है। जब लोग मुझे आपकी बेटी कहते हैं।
धर्म की बेटी कहती है खुद को
बता दें कि अगस्त 2017 में साध्वी यौन शोषण के मामले में राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाई गई थी. इस दौरान पंचकूला में दंगे हुए। इन दंगों में हनीप्रीत को भी पुलिस ने पकड़ लिया था। फिर वह लंबे समय तक जेल में रहीं। हनीप्रीत 7 नवंबर 2019 को अंबाला जेल से जमानत पर बाहर आई थी। हनीप्रीत राम रहीम की मुख्य शिष्या है। साथ ही अपने धर्म की बेटी भी कहती है। राम रहीम ने अपने परिवार पहचान (पीपीपी) पत्र में हनीप्रीत को अपना मुख्य शिष्य घोषित किया है। पीपीपी में परिवार के किसी सदस्य का नाम नहीं है। हनीप्रीत डेरा सच्चा सौदा मैनेजमेंट की चेयरपर्सन और वाइस पैटर्न भी हैं। राम रहीम पिछले पैरोल पर आया था और उसने हनीप्रीत को नया नाम रूहदी यानी रूह दीदी दिया था। तभी से प्रेमी अब उन्हें इसी नाम से बुलाते हैं। राम रहीम रोहाडी की बहुत प्रशंसा करता है।
राम रहीम 40 दिन की पैरोल पर बाहर आया है
राम रहीम 40 दिन की पैरोल पर आया है। तभी से हनीप्रीत राम रहीम के साथ यूपी के बरनावा डेरा में है। राम रहीम को 14 महीने में चौथी बार पैरोल मिली है।राम रहीम जब फरवरी 2022 में पहली बार पैरोल पर आया तो उसने अपने आधार कार्ड और परिवार पहचान पत्र से पिता और परिवार का नाम कटवा लिया। उन्होंने अपने पिता के नाम के आगे अपने गुरु सतनाम सिंह का नाम लिखवाया। परिवार के पहचान पत्र में अपनी पत्नी और मां का नाम न लिखते हुए मुख्य शिष्या के तौर पर सिर्फ हनीप्रीत का नाम लिखा था।
