भारत में वाहनों के लगातार बढ़ने से शहरों में कबाड़ और प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। इसी के मद्देनजर नैनीताल जिले के हल्द्वानी सहित आसपास के इलाकों में 15 साल पुराने सरकारी वाहन 1 अप्रैल से नहीं चलेंगे। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विमल पांडये ने बताया कि मोटर यान अधिनियम में संशोधन के बाद यह निर्णय लिया गया है।
पांडे ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा स्कूल वाहनों में जीपीएस लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी ने कहा कि समय-समय पर विभाग द्वारा स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
उत्तराखंड में चलने वाले सभी केंद्र और राज्य सरकार के सरकारी वाहनों के साथ-साथ सभी निगमों और परिवहन विभाग की बसों और गाड़ियों, सरकारी सहायता प्राप्त संस्थाओं पर लागू होगा। 15 साल से पुराने वाहनों का उनका नवीनीकरण नहीं होगा, उन्हें स्वतः निरस्त माना जाएगा। उन्होंने कहा कि परिवहन मंत्रालय ने एक ड्राफ्ट जारी करके यह जानकारी दी थी कि केंद्र और राज्यों सरकारों में इस्तेमाल हो रही। 15 साल पुरानी सभी गाड़ियों को स्क्रैप करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बीते वर्ष स्क्रैप नीति लागू की थी। इसका उद्देश्य अनुपयुक्त और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से संचालन से बाहर करना है, जिसके तहत अब यह सभी 15 साल पुराने वाहन स्क्रैप नीति के तहत नष्ट किए जाएंगे।
